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अतरौलिया। शौचालय में भोजन रखने को विवश गरीब। आवास के नाम पर हो रही धनउगाही, पात्र गरीबों को नहीं मिला आवास
वर्तमान के अधिकारी और प्रधान नहीं दे रहे ध्यान गरीब को भूख हो या बरसात टूटी फूटी झोपड़ी में ही काट रहे हैं जीवन विकासखंड अतरौलिया में योगी के बड़े-बड़े दावे नजर आ रहे हैं फेल ।
आवास के नाम पर हो रही धनउगाही, पात्र गरीबों को नहीं मिला आवास ,शौचालय में भोजन रखने को विवश गरीब।
बता दे कि क्षेत्र के गोसाई देहुला गांव में आवास के नाम पर धन उगाही करने का मामला सामने आ रहा है वही गांव में दर्जनों की संख्या में पात्र गरीबों को आज तक आवास नहीं नसीब हुआ, जबकि प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजना आवास योजना से सभी गरीबों को लाभान्वित करने की लगातार कोशिश की जा रही है। ऐसे में लोगों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान आवास के नाम पर लोगों से पैसा वसूलता रहा लेकिन अभी तक किसी पात्र गरीब को आवाज नहीं नसीब हुआ। ऐसे ही इस गांव में दर्जनों मामले हैं जिन्हें आवास से आज तक वंचित रखा गया ,जबकि इनके पास रहने के लिए ना तो छत है और ना ही भोजन पकाने के लिए कोई सुरक्षित जगह। ऐसे में ठंडी गर्मी बरसात के मौसम में लोग किसी तरह अपने बच्चों के संग झोपड़ी में रह कर गुजर बसर करते है।गांव निवासी श्याम प्यारे के पास सिर्फ एक टूटी झोपड़ी है जिसमें छोटे छोटे बच्चों संग किसी तरह एक गरीब अपना जीवन यापन करता है जबकि भोजन रखने की जगह ना होने की दशा में पीड़ित द्वारा शौचालय के कमरे में भोजन रखा जाता है। गांव निवासी प्रमोद निषाद ,अखिलेश निषाद, राम रतन, श्याम बहादुर ,राम अचल, रामराज, फेरू, सुरेश, चंपा, बेकारु आदि पीड़ित लोगों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा आवास दिलाने के नाम पर हजारों रुपए लिए गए उसके बाद भी पुनः पीड़ितों से पैसे की मांग की गई लेकिन आज तक किसी को छत नहीं नसीब हुआ। जबकि निषाद बस्ती में जल निकासी, रास्ता, शौचालय जैसी कई प्रमुख समस्याएं हैं जिस की हकीकत जानने के लिए आज तक कोई भी अधिकारी कर्मचारी
इस गांव में नहीं पहुंचा। साहस साथी संस्था के जान्हवी दत्त ने जब गरीबों की सुधि लेने के लिए इस गांव में पहुंचे तो हकीकत कुछ और बयां कर रही थी ।अधिकतर लोगों के पास आवास नहीं जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रह कर अपना जीवन यापन करते है। साहस साथी के जान्हवी दत्त ने दर्जनों गरीबों को राशन देने का काम किया।
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