भारत के आरटीआई कार्यकर्ता 19 अप्रैल को एकजुट होकर उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त का करेंगे घेराव , राज्य सूचना आयोग मे फैले भ्रस्टाचार के विरुद्ध देंगे ज्ञापन
*भारत के आरटीआई कार्यकर्ता 19 अप्रैल को एकजुट होकर उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त का करेंगे घेराव , राज्य सूचना आयोग मे फैले भ्रस्टाचार के विरुद्ध देंगे ज्ञापन*
सुप्रीम टीम समाचार
*राष्ट्रीय स्तर पर आरटीआई कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में दी दस्तक s11 के सूचना आयुक्त घबराकर अपने कार्यालय से कुर्सी छोड़कर भागे*
राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर पूरे भारत के आरटीआई कार्यकर्ता आगामी 19 अप्रैल को सूचना आयोग लखनऊ में पहुंचकर राज्य सूचना आयुक्त को ज्ञापन देंगे , बीते 27 मार्च को पूरे भारत से आरटीआई कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के विरोध में उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में ज्ञापन देने के लिए पहुंचे तो राज्य सूचना आयोग उत्तर प्रदेश परिसर में हलचल मच गई सैकड़ों की संख्या में पूरे भारत से पहुंचे आरटीआई कार्यकर्ताओं ने सूचना आयोग के सचिव को सूचना आयोग में फैले भ्रष्टाचार से अवगत कराया एवं आगामी 19 अप्रैल की राष्ट्रीय मीटिंग से पहले सूचना आयोग की कार्यशैली में सुधार करने की चेतावनी दी
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक कुमार द्वारा बताया गया कि भारत के दोनों सदनों में पारित सूचना का अधिकार अधिनियम इस उद्देश्य से लाया गया कि शासन व प्रशासन के कार्यप्रणाली में पारदर्शिता हो एवं भ्रस्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। किन्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत सूचना मांगने वाले आवेदकों को भ्रष्ट तत्वों द्वारा धमकाया जाता है व उनके ऊपर हिंसात्मक हमले होते है। ताकि वह सूचना मांगना बंद कर दे। तमाम राज्यो में आरटीआई कार्यकर्ताओ की हत्या भी हुई है।
इसके विरुद्ध भारत के आरटीआई कार्यकर्ताओ द्वारा एकजुट होकर हर राज्यो मे आरटीआई न्याय यात्रा निकाली जा रही है। जिसका आगाज भारत के सैकड़ो आरटीआई कार्यकर्ताओ ने लखनऊ आकर राज्य सूचना आयोग में आरटीआई अधिनियम 2005 की मूल अवधारणा को लागू करवाने हेतु मुख्य सूचना आयुक्त,मुख्य सचिव व राज्यपाल को सामूहिक ज्ञापन दिनांक 27/03/2023 को दिया था व आयोग के कार्यशैली पर कई गंभीर आरोप लगाते हुये इन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि यदि आपकी कार्यप्रणाली में सुधार नही हुआ तो हम आंदोलन का रास्ता तय करेंगे।
आरटीआई कार्यकर्ता अनूप कुमार सोनी की सुनवाई के दौरान आयोग के कक्ष संख्या 11 के आयुक्त से जब वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता अभिषेक कुमार ने सवाल किया तो वह अपनी कुर्शी छोड़कर भाग खड़े हुये। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भारत के सभी राज्यों के सूचना आयोग में ज्ञापन देने के क्रम में दिनाँक 27/03/2023 को उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त, मुख्य सचिव व राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए भारत के हर राज्यो से आये आरटीआई कार्यकर्ता लखनऊ पहुँचे थे। व दिनाँक 19/04/2023 को भारत के आरटीआई कार्यकर्ता एक बार पुनः दिये गये ज्ञापन पर अनुस्मारक पत्र देते हुये आंदोलन का रास्ता तय करेंगे।
भारत के कई राज्यों से आये आरटीआई कार्यकर्ता न्याय यात्रा में शामिल होने के क्रम में बिहार से पुरुषोत्तम प्रसाद, श्याम मुरारी, संतोष कुमार , छत्तीसगढ़ से अभिषेक कुमार, झारखंड, राजस्थान,महाराष्ट्र,गुजरात व बंगाल से दर्जनों की संख्या में महिला आरटीआई कार्यकर्ता व उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद से अमन यादव ,मनीष राय ,अनूप सोनी, उमेश सरोज ,अजय कुमार,संदीप कुमार,विजय सिंह,विनोद जोशी,अशोक जायसवाल, , , रमेश पासी आदि सैकड़ो कार्यकर्ताओ के साथ उपस्थित रहे व एक मिशन न्याय यात्रा करके चेतावनी दी है कि हमें न्याय चाहीए। तारिख पर तारिख नहीं चाहीए। संसद द्वारा पारित सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू किया गया जनता के हित में कानून बना कर दिया गया है उसके अनुसार व्यवस्था चाहिए। जनसूचना अधिकारी यह भूल चुके है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां जनता के सवालों का जवाब देना उनके लिए बाध्यकारी है।
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